शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

बेवजह...

सुना था कि
बेवजह कुछ नहीं होता
यक़ीन भी तो था
कि हर बात की
वजह होती है....
हाँ
जब तुम ज़िन्दगी में
शामिल हुए तो
वजह नहीं तलाशी थी
हाँ
जब तुम बेहद क़रीब थे
तो सोचा नहीं था कुछ भी
सब कुछ बेवजह था....
हमारा रिश्ता
हमारी ख़ुशी
हमारा सच
लेकिन
एक दिन
जब तुम
अचानक चले गए
ज़िन्दगी से
तो सवाल करती हूँ
खुद से
तुमसे...
जवाब नहीं है
कोई वजह नहीं थी
तुम्हारे आने कि
और
कोई वजह नहीं है
तुम्हारे जाने कि भी
हाँ
बहुत कुछ होता है
बेवजह....

4 टिप्‍पणियां:

Yashwant Yash ने कहा…

कल 30/01/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
धन्यवाद !

vandana ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति .....

Kaushal Lal ने कहा…

कुछ बातें वेवजह ही होती ..... सुन्दर

richa shukla ने कहा…

बहुत ही सुंदर व मर्मस्पर्शी प्रतुति..
prathamprayaas.blogspot.in-